विश्वकप
एक
इस वक्त ब्राज़ील में
हर बूढ़ा जवान है
हर बच्चा नौजवान
और हर नौजवान
खेल रहा है फुटबॉल
जागकर और नींद में
सुबह-दोपहर और शाम
सारी रात
वह खेल रहा है –
नेमार को गेंद पास कर रहा है
ऑस्कर के साथ दौड़ रहा है
गोलपोस्ट की ओर
और उछल रहा है
गोलकीपर की तरह
स्प्रिंग की माफिक
इस वक्त ब्राज़ील में
हर ग़रीब अमीर है
और अमीर हँस रहा है
ग़रीब की तरह
खुलकर !!
दो
कहते हैं –
एक परमाणु के बराबर था ब्रम्हाण्ड
अब एक गेंद है जहाँ –
पूरी दुनिया सिमटी हुई है !
तीन
पुर्तगाल ने अमेरिका के खिलाफ
दागा पहला गोल
दर्शक दीर्घा में बैठी
एक माँ उछ्ल पड़ी उत्तेजना में
पास ही बैठा उसका बच्चा
गोलमटोल
देखने लगा माँ की ओर
उसका मुँह खुला हुआ था
फुटबाल की तरह गोल !!
चार
16 जून 2010 को अमेरिका हारा था घाना से
अमेरिका के खिलाड़यों ने पहनी थी
घाना की टी शर्ट खेल के अंत में
आज 16 जून 2014 को
अमेरिका ने हासिल की जीत घाना पर –
किसी ड्रोन हमले से नहीं
यह जीत थी फुटबाल के मैदान में !
पाँच
ये जो खिलाड़ी हैं
खेल रहे हैं विश्वकप में
नाच रहे हैं
गले में हाथ डाल
एक दूसरे के
मार रहे हैं समर सॉल्ट
गोल मारने के बाद
कइयों ने इनमें से देखा नहीं
बचपन में स्कूल
या निकाले गए स्कूल से
पूरी किए बिना पढ़ाई
शिक्षकों ने ‘बैड ब्वायज़’ कहा इन्हें
ऐसा भी है कोई
जिसकी माँ मिली ही नहीं पिता से
बच्चे के जन्म के पहले से
या जन्म के कुछ दिनों बाद
कुछ ऐसे भी
बढ़ ही नहीं पाई
जिनकी ऊँचाई पाँच फुट सात इंच से ज़्यादा –
ये हिरो हैं विश्वकप के
जिनके घुंघराले बालों की तरह
घूमते हुए शॉट
जब घुस्ते हैं गोल्पोस्ट के भीतर
तो झूम उठता है समूचा का समूचा देश
और इनमें से ही किसी की एक चूक से हुई हार से
दुखी हो उठती है आधी दुनिया !!
छ:
फुटबॉल में भरी हुई है हवा
और हवा के बगैर
जीवित रह सकती है क्या
दुनिया भला ?